स्कन्द षष्ठी व्रत - महिषघ्नी व्रत

स्कन्द षष्ठी व्रत 2018 | महिषघ्नी व्रत 2018

स्कन्द षष्ठी व्रत 2018

वाराह पुराण के अनुसार स्कन्द षष्ठी व्रत, पंचमी को किया जाता है। आषाढ़ शुक्ल पंचमी को उपवास करना चाहिए। षष्ठी को स्कन्द का पूजन करना चाहिए और उसके बाद एक समय भोजन करना चाहिए। यह ‘षष्ठी तिथि कुमार कार्तिकेय जी की तिथि है इसलिए इसे ‘कौमारिकी‘ भी कहते हैं। इस वर्ष स्कन्द षष्ठी व्रत 18 जुलाई 2018 को है।

व्रत कितने प्रकार के होते हैं, जानें

महिषघ्नी व्रत 2018

देवी भागवत के अनुसार आषाढ़ शुक्ल अष्टमी को उपवास का संकल्प करके व्रती को हरिद्रा (हल्दी) के जल से स्नान करना चाहिए। वैसे ही जल से महिषघ्नी देवी को स्नान कराएं। तत्पश्चात केसर, चन्दन, धूप, कपूर आदि से देवी का पूजन करें। नैवेद्य में घी, चीनी और जौ के संयोग से बनाया हुआ पदार्थ अर्पण करना चाहिए, फिर ब्राह्मण एवं ब्राह्मणी कन्याओं को प्रेम व श्रद्धा से भोजन कराना चाहिए, तत्पश्चात स्वयं भोजन करें। इसके प्रभाव से सभी प्रकार की इष्ट सिद्ध होती है। इस वर्ष महिषघ्नी व्रत 20 जुलाई 2018 को है।

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