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  • २६ - हनुमान जी का लंका में छोटा रूप लेना

    दोहा :
    *पुर रखवारे देखि बहु कपि मन कीन्ह बिचार।
    अति लघु रूप धरों निसि नगर करौं पइसार॥3॥

    भावार्थ : नगर के बहुसंख्यक रखवालों को देखकर हनुमान्‌जी ने मन में विचार किया कि अत्यंत छोटा रूप धरूँ और रात के समय नगर में प्रवेश करूँ॥3॥

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Krishna Kutumb
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