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  • ३४ - हनुमान जी की लंका में खोज

    * मंदिर मंदिर प्रति करि सोधा। देखे जहँ तहँ अगनित जोधा॥
    गयउ दसानन मंदिर माहीं। अति बिचित्र कहि जात सो नाहीं॥3॥

    भावार्थ : उन्होंने एक-एक (प्रत्येक) महल की खोज की। जहाँ-तहाँ असंख्य योद्धा देखे। फिर वे रावण के महल में गए। वह अत्यंत विचित्र था, जिसका वर्णन नहीं हो सकता॥3॥

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Krishna Kutumb
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