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  • ६२ - रावण का क्रोध होना

    * मास दिवस महुँ कहा न माना। तौ मैं मारबि काढ़ि कृपाना॥5॥

    भावार्थ : यदि महीने भर में यह कहा न माने तो मैं इसे तलवार निकालकर मार डालूँगा॥5॥

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Krishna Kutumb
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