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  • ९९ - हनुमान जी का लंका में छोटा रूप लेना

    * सीता मन भरोस तब भयऊ। पुनि लघु रूप पवनसुत लयऊ॥5॥

    भावार्थ:-तब (उसे देखकर) सीताजी के मन में विश्वास हुआ। हनुमान्‌जी ने फिर छोटा रूप धारण कर लिया॥5॥

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Krishna Kutumb
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