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  • १२७ - हनुमान जी का रावण से संवाद

    * खर दूषन त्रिसिरा अरु बाली। बधे सकल अतुलित बलसाली॥5॥

    भावार्थ:-जिन्होंने खर, दूषण, त्रिशिरा और बालि को मार डाला, जो सब के सब अतुलनीय बलवान्‌ थे,॥5॥

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Krishna Kutumb
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