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  • १२८ - हनुमान जी का रावण से संवाद

    दोहा :
    * जाके बल लवलेस तें जितेहु चराचर झारि।
    तास दूत मैं जा करि हरि आनेहु प्रिय नारि॥21॥

    भावार्थ:-जिनके लेशमात्र बल से तुमने समस्त चराचर जगत्‌ को जीत लिया और जिनकी प्रिय पत्नी को तुम (चोरी से) हर लाए हो, मैं उन्हीं का दूत हूँ॥21॥

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Krishna Kutumb
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