Loading...

  • १६५- अंगद द्वारा फल का आहार

    * तब मधुबन भीतर सब आए। अंगद संमत मधु फल खाए॥
    रखवारे जब बरजन लागे। मुष्टि प्रहार हनत सब भागे॥4॥

    भावार्थ:-तब सब लोग मधुवन के भीतर आए और अंगद की सम्मति से सबने मधुर फल (या मधु और फल) खाए। जब रखवाले बरजने लगे, तब घूँसों की मार मारते ही सब रखवाले भाग छूटे॥4॥

    |0|0
Krishna Kutumb
ब्लॉग सूची 0 0 प्रवेश
Open In App