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  • १ ८ १ - हनुमान जी और श्री राम जी का संवाद

    * सीता कै अति बिपति बिसाला। बिनहिं कहें भलि दीनदयाला॥5॥

    भावार्थ:-सीताजी की विपत्ति बहुत बड़ी है। हे दीनदयालु! वह बिना कही ही अच्छी है (कहने से आपको बड़ा क्लेश होगा)॥5॥

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