Loading...

  • १९९ - राम जी ने वानरों की सारी सेना देखी

    चौपाई :
    * प्रभु पद पंकज नावहिं सीसा। गर्जहिं भालु महाबल कीसा॥
    देखी राम सकल कपि सेना। चितइ कृपा करि राजिव नैना॥1॥

    भावार्थ:-वे प्रभु के चरण कमलों में सिर नवाते हैं। महान्‌ बलवान्‌ रीछ और वानर गरज रहे हैं। श्री रामजी ने वानरों की सारी सेना देखी। तब कमल नेत्रों से कृपापूर्वक उनकी ओर दृष्टि डाली॥1॥

    |0|0