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  • २३५ - रावण का क्रोध

    चौपाई :
    * बुध पुरान श्रुति संमत बानी। कही बिभीषन नीति बखानी॥
    सुनत दसानन उठा रिसाई। खल तोहिं निकट मृत्यु अब आई॥1॥

    भावार्थ:-विभीषण ने पंडितों, पुराणों और वेदों द्वारा सम्मत (अनुमोदित) वाणी से नीति बखानकर कही। पर उसे सुनते ही रावण क्रोधित होकर उठा और बोला कि रे दुष्ट! अब मृत्यु तेरे निकट आ गई है!॥1॥

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