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  • २४७ - श्री राम जी को विभीषण के आने खबर

    * ताहि राखि कपीस पहिं आए। समाचार सब ताहि सुनाए॥
    कह सुग्रीव सुनहु रघुराई। आवा मिलन दसानन भाई॥2॥

    भावार्थ:-उन्हें (पहरे पर) ठहराकर वे सुग्रीव के पास आए और उनको सब समाचार कह सुनाए। सुग्रीव ने (श्री रामजी के पास जाकर) कहा- हे रघुनाथजी! सुनिए, रावण का भाई (आप से) मिलने आया है॥2॥

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Krishna Kutumb
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