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  • अर्जुन ने श्री कृष्णा से कहा

    सर्वभूतस्थितं यो मां भजत्येकत्वमास्थितः।
    सर्वथा वर्तमानोऽपि स योगी मयि वर्तते॥६-३१॥

    जो पुरुष एकत्व में स्थित होकर सभी भूतों में (आत्मरूप) से स्थित मुझ (वासुदेव) को भजता है, वह योगी सब प्रकार से कर्म करता हुआ भी मुझमें ही विद्यमान है॥31॥

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Krishna Kutumb
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