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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    प्राप्य पुण्यकृतां लोकानु-षित्वा शाश्वतीः समाः।
    शुचीनां श्रीमतां गेहे योगभ्रष्टोऽभिजायते॥६-४१॥

    योगभ्रष्ट पुरुष पुण्यवानों के लोकों को प्राप्त होकर, उनमें बहुत वर्षों तक निवास करके फिर शुद्ध आचरण वाले श्रीमान पुरुषों के घर में जन्म लेता है॥41॥

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Krishna Kutumb
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