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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    पुण्यो गन्धः पृथिव्यां च तेजश्चास्मि विभावसौ ।
    जीवनं सर्वभूतेषु तपश्चास्मि तपस्विषु ॥७- ९॥

    मैं पृथ्वी में पवित्र (शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गंध से इस प्रसंग में इनके कारण रूप तन्मात्राओं का ग्रहण है, इस बात को स्पष्ट करने के लिए उनके साथ पवित्र शब्द जोड़ा गया है।) गंध और अग्नि में तेज हूँ तथा सम्पूर्ण भूतों में उनका जीवन हूँ और तपस्वियों में तप हूँ॥9॥

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Krishna Kutumb
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