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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    उदाराः सर्व एवैते ज्ञानी त्वात्मैव मे मतम् ।
    आस्थितः स हि युक्तात्मा मामेवानुत्तमां गतिम् ॥७- १८॥

    ये सभी उदार हैं, परन्तु ज्ञानी तो साक्षात्‌ मेरा स्वरूप ही है- ऐसा मेरा मत है क्योंकि वह मद्गत मन-बुद्धिवाला ज्ञानी भक्त अति उत्तम गतिस्वरूप मुझमें ही अच्छी प्रकार स्थित है॥18॥

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Krishna Kutumb
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