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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    यो यो यां यां तनुं भक्तः श्रद्धयार्चितुमिच्छति ।
    तस्य तस्याचलां श्रद्धां तामेव विदधाम्यहम् ॥७- २१॥

    जो-जो सकाम भक्त जिस-जिस देवता के स्वरूप को श्रद्धा से पूजना चाहता है, उस-उस भक्त की श्रद्धा को मैं उसी देवता के प्रति स्थिर करता हूँ॥21॥

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Krishna Kutumb
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