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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    स तया श्रद्धया युक्तस्तस्याराधनमीहते ।
    लभते च ततः कामान्मयैव विहितान्हि तान् ॥७- २२॥

    वह पुरुष उस श्रद्धा से युक्त होकर उस देवता का पूजन करता है और उस देवता से मेरे द्वारा ही विधान किए हुए उन इच्छित भोगों को निःसंदेह प्राप्त करता है॥22॥

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Krishna Kutumb
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