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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    श्रीभगवानुवाच -
    अक्षरं ब्रह्म परमं स्वभावोऽध्यात्ममुच्यते ।
    भूतभावोद्भवकरो विसर्गः कर्मसंज्ञितः ॥८- ३॥

    श्री भगवान ने कहा- परम अक्षर 'ब्रह्म' है, अपना स्वरूप अर्थात जीवात्मा 'अध्यात्म' नाम से कहा जाता है तथा भूतों के भाव को उत्पन्न करने वाला जो त्याग है, वह 'कर्म' नाम से कहा गया है॥3॥

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Krishna Kutumb
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