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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    अधिभूतं क्षरो भावः पुरुषश्चाधिदैवतम् ।
    अधियज्ञोऽहमेवात्र देहे देहभृतां वर ॥८- ४॥

    उत्पत्ति-विनाश धर्म वाले सब पदार्थ अधिभूत हैं, हिरण्यमय पुरुष (जिसको शास्त्रों में सूत्रात्मा, हिरण्यगर्भ, प्रजापति, ब्रह्मा इत्यादि नामों से कहा गया है) अधिदैव है और हे देहधारियों में श्रेष्ठ अर्जुन! इस शरीर में मैं वासुदेव ही अन्तर्यामी रूप से अधियज्ञ हूँ॥4॥

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Krishna Kutumb
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