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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    अन्तकाले च मामेव स्मरन्मुक्त्वा कलेवरम् ।
    यः प्रयाति स मद्भावं याति नास्त्यत्र संशयः ॥८- ५॥

    जो पुरुष अंतकाल में भी मुझको ही स्मरण करता हुआ शरीर को त्याग कर जाता है, वह मेरे साक्षात स्वरूप को प्राप्त होता है- इसमें कुछ भी संशय नहीं है॥5॥

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Krishna Kutumb
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