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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    अग्निर्ज्योतिरहः शुक्लः षण्मासा उत्तरायणम् ।
    तत्र प्रयाता गच्छन्ति ब्रह्म ब्रह्मविदो जनाः ॥८- २४॥

    जिस मार्ग में ज्योतिर्मय अग्नि-अभिमानी देवता हैं, दिन का अभिमानी देवता है, शुक्ल पक्ष का अभिमानी देवता है और उत्तरायण के छः महीनों का अभिमानी देवता है, उस मार्ग में मरकर गए हुए ब्रह्मवेत्ता योगीजन उपयुक्त देवताओं द्वारा क्रम से ले जाए जाकर ब्रह्म को प्राप्त होते हैं। ॥24॥

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Krishna Kutumb
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