Loading...

  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    धूमो रात्रिस्तथा कृष्णः षण्मासा दक्षिणायनम् ।
    तत्र चान्द्रमसं ज्योतिर्योगी प्राप्य निवर्तते ॥८- २५॥

    जिस मार्ग में धूमाभिमानी देवता है, रात्रि अभिमानी देवता है तथा कृष्ण पक्ष का अभिमानी देवता है और दक्षिणायन के छः महीनों का अभिमानी देवता है, उस मार्ग में मरकर गया हुआ सकाम कर्म करने वाला योगी उपयुक्त देवताओं द्वारा क्रम से ले गया हुआ चंद्रमा की ज्योत को प्राप्त होकर स्वर्ग में अपने शुभ कर्मों का फल भोगकर वापस आता है॥25॥

    |0|0
Krishna Kutumb
ब्लॉग सूची 0 0 प्रवेश
Open In App