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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    यथाकाशस्थितो नित्यं वायुः सर्वत्रगो महान् ।
    तथा सर्वाणि भूतानि मत्स्थानीत्युपधारय ॥९- ६॥

    जैसे आकाश से उत्पन्न सर्वत्र विचरने वाला महान्‌ वायु सदा आकाश में ही स्थित है, वैसे ही मेरे संकल्प द्वारा उत्पन्न होने से संपूर्ण भूत मुझमें स्थित हैं, ऐसा जान॥6॥

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Krishna Kutumb
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