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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    न च मां तानि कर्माणि निबध्नन्ति धनंजय ।
    उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु ॥९- ९॥

    हे अर्जुन! उन कर्मों में आसक्तिरहित और उदासीन के सदृश (जिसके संपूर्ण कार्य कर्तृत्व भाव के बिना अपने आप सत्ता मात्र ही होते हैं उसका नाम 'उदासीन के सदृश' है।) स्थित मुझ परमात्मा को वे कर्म नहीं बाँधते॥9॥

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Krishna Kutumb
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