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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    पिताहमस्य जगतो माता धाता पितामहः ।
    वेद्यं पवित्रमोंकार ऋक्साम यजुरेव च ॥९- १७॥

    इस संपूर्ण जगत्‌ का धाता अर्थात्‌ धारण करने वाला एवं कर्मों के फल को देने वाला, पिता, माता, पितामह, जानने योग्य, (गीता अध्याय 13 श्लोक 12 से 17 तक में देखना चाहिए) पवित्र ओंकार तथा ऋग्वेद, सामवेद और यजुर्वेद भी मैं ही हूँ॥17॥

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Krishna Kutumb
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