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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    येऽप्यन्यदेवताभक्ता यजन्ते श्रद्धयान्विताः ।
    तेऽपि मामेव कौन्तेय यजन्त्यविधिपूर्वकम् ॥९- २३॥

    हे अर्जुन! यद्यपि श्रद्धा से युक्त जो सकाम भक्त दूसरे देवताओं को पूजते हैं, वे भी मुझको ही पूजते हैं, किंतु उनका वह पूजन अविधिपूर्वक अर्थात्‌ अज्ञानपूर्वक है॥23॥

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Krishna Kutumb
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