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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    शुभाशुभफलैरेवं मोक्ष्यसे कर्मबन्धनैः ।
    संन्यासयोगयुक्तात्मा विमुक्तो मामुपैष्यसि ॥९- २८॥

    इस प्रकार, जिसमें समस्त कर्म मुझ भगवान के अर्पण होते हैं- ऐसे संन्यासयोग से युक्त चित्तवाला तू शुभाशुभ फलरूप कर्मबंधन से मुक्त हो जाएगा और उनसे मुक्त होकर मुझको ही प्राप्त होगा। ॥28॥

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Krishna Kutumb
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