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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    मां हि पार्थ व्यपाश्रित्य येऽपि स्युः पापयोनयः ।
    स्त्रियो वैश्यास्तथा शूद्रास्तेऽपि यान्ति परां गतिम् ॥९- ३२॥

    हे अर्जुन! स्त्री, वैश्य, शूद्र तथा पापयोनि चाण्डालादि जो कोई भी हों, वे भी मेरे शरण होकर परमगति को ही प्राप्त होते हैं॥32॥

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Krishna Kutumb
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