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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    यो मामजमनादिं च वेत्ति लोकमहेश्वरम् ।
    असंमूढः स मर्त्येषु सर्वपापैः प्रमुच्यते ॥१०- ३॥

    जो मुझको अजन्मा अर्थात्‌ वास्तव में जन्मरहित, अनादि (अनादि उसको कहते हैं जो आदि रहित हो एवं सबका कारण हो) और लोकों का महान्‌ ईश्वर तत्त्व से जानता है, वह मनुष्यों में ज्ञानवान्‌ पुरुष संपूर्ण पापों से मुक्त हो जाता है॥3॥

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Krishna Kutumb
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