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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    यद्यद्विभूतिमत्सत्त्वं श्रीमदूर्जितमेव वा ।
    तत्तदेवावगच्छ त्वं मम तेजोंऽशसंभवम् ॥१०- ४१॥

    जो-जो भी विभूतियुक्त अर्थात्‌ ऐश्वर्ययुक्त, कांतियुक्त और शक्तियुक्त वस्तु है, उस-उस को तू मेरे तेज के अंश की ही अभिव्यक्ति जान॥41॥

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Krishna Kutumb
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