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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    अथवा बहुनैतेन किं ज्ञातेन तवार्जुन ।
    विष्टभ्याहमिदं कृत्स्नमे-
    कांशेन स्थितो जगत् ॥१०- ४२॥

    अथवा हे अर्जुन! इस बहुत जानने से तेरा क्या प्रायोजन है। मैं इस संपूर्ण जगत्‌ को अपनी योगशक्ति के एक अंश मात्र से धारण करके स्थित हूँ॥42॥

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Krishna Kutumb
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