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  • दिव्य शस्त्रों को धारण

    अनेकवक्त्रनयनमनेकाद्भुतदर्शनम् ।
    अनेकदिव्याभरणं दिव्यानेकोद्यतायुधम् ॥११- १०॥

    अनेक मुख और नेत्रों से युक्त, अनेक अद्भुत दर्शनों वाले, बहुत से दिव्य भूषणों से युक्त और बहुत से दिव्य शस्त्रों को धारण किए हुए॥10॥

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Krishna Kutumb
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