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  • अर्जुन ने श्री कृष्णा भगवान से कहा

    किरीटिनं गदिनं चक्रहस्त-
    मिच्छामि त्वां द्रष्टुमहं तथैव ।
    तेनैव रूपेण चतुर्भुजेन सहस्रबाहो भव विश्वमूर्ते ॥११- ४६॥

    मैं वैसे ही आपको मुकुट धारण किए हुए तथा गदा और चक्र हाथ में लिए हुए देखना चाहता हूँ। इसलिए हे विश्वस्वरूप! हे सहस्रबाहो! आप उसी चतुर्भुज रूप से प्रकट होइए॥46॥

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Krishna Kutumb
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