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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    संनियम्येन्द्रियग्रामं सर्वत्र समबुद्धयः ।
    ते प्राप्नुवन्ति मामेव सर्वभूतहिते रताः ॥१२- ४॥

    सच्चिदानन्दघन ब्रह्म को निरन्तर एकीभाव से ध्यान करते हुए भजते हैं, वे सम्पूर्ण भूतों के हित में रत और सबमें समान भाववाले योगी मुझको ही प्राप्त होते हैं॥4॥

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Krishna Kutumb
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