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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    अद्वेष्टा सर्वभूतानां मैत्रः करुण एव च ।
    निर्ममो निरहंकारः समदुःखसुखः क्षमी ॥१२- १३॥

    जो पुरुष सब भूतों में द्वेष भाव से रहित, स्वार्थ रहित सबका प्रेमी और हेतु रहित दयालु है तथा ममता से रहित, अहंकार से रहित, सुख-दुःखों की प्राप्ति में सम और क्षमावान है॥13॥

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Krishna Kutumb
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