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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    संतुष्टः सततं योगी यतात्मा दृढनिश्चयः ।
    मय्यर्पितमनोबुद्धिर्यो मद्भक्तः स मे प्रियः ॥१२- १४॥

    अर्थात अपराध करने वाले को भी अभय देने वाला है तथा जो योगी निरन्तर संतुष्ट है, मन-इन्द्रियों सहित शरीर को वश में किए हुए है और मुझमें दृढ़ निश्चय वाला है- वह मुझमें अर्पण किए हुए मन-बुद्धिवाला मेरा भक्त मुझको प्रिय है॥14॥

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Krishna Kutumb
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