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  • अर्जुन उवाच

    अर्जुन उवाच
    प्रकृतिं पुरुषं चैव क्षेत्रं क्षेत्रज्ञमेव च ।
    एतद्वेदितुमिच्छामि ज्ञानं ज्ञेयं च केशव ॥ (१)

    अर्जुन ने पूछा - हे केशव! मैं आपसे प्रकृति एवं पुरुष, क्षेत्र एवं क्षेत्रज्ञ और ज्ञान एवं ज्ञान के लक्ष्य के विषय में जानना चाहता हूँ। (१)

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Krishna Kutumb
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