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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    क्षेत्रज्ञं चापि मां विद्धि सर्वक्षेत्रेषु भारत ।
    क्षेत्रक्षेत्रज्ञयोर्ज्ञानं यत्तज्-
    ज्ञानं मतं मम ॥१३- २॥

    हे अर्जुन! तू सब क्षेत्रों में क्षेत्रज्ञ अर्थात जीवात्मा भी मुझे ही जान और क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ को अर्थात विकार सहित प्रकृति और पुरुष का जो तत्व से जानना है, वह ज्ञान है- ऐसा मेरा मत है॥2॥

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Krishna Kutumb
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