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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    महाभूतान्यहंकारो बुद्धिरव्यक्तमेव च ।
    इन्द्रियाणि दशैकं च पञ्च चेन्द्रियगोचराः ॥१३- ५॥

    पाँच महाभूत, अहंकार, बुद्धि और मूल प्रकृति भी तथा दस इन्द्रियाँ, एक मन और पाँच इन्द्रियों के विषय अर्थात शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गंध॥5॥

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Krishna Kutumb
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