Loading...

  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    असक्तिरनभिष्वङ्गः पुत्रदारगृहादिषु ।
    नित्यं च समचित्तत्व-
    मिष्टानिष्टोपपत्तिषु ॥१३- ९॥

    पुत्र, स्त्री, घर और धन आदि में आसक्ति का अभाव, ममता का न होना तथा प्रिय और अप्रिय की प्राप्ति में सदा ही चित्त का सम रहना॥9॥

    |0|0
Krishna Kutumb
ब्लॉग सूची 0 0 प्रवेश
Open In App