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  • मनुष्य परमानन्द को प्राप्त होता है

    ज्ञेयं यत्तत्प्रवक्ष्यामि यज्ज्ञात्वामृतमश्नुते ।
    अनादि मत्परं ब्रह्म न सत्तन्नासदुच्यते ॥१३- १२॥

    जो जानने योग्य है तथा जिसको जानकर मनुष्य परमानन्द को प्राप्त होता है, उसको भलीभाँति कहूँगा। वह अनादिवाला परमब्रह्म न सत्‌ ही कहा जाता है, न असत्‌ ही॥12॥

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Krishna Kutumb
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