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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    सर्वेन्द्रियगुणाभासं सर्वेन्द्रियविवर्जितम् ।
    असक्तं सर्वभृच्चैव निर्गुणं गुणभोक्तृ च ॥१३- १४॥

    वह सम्पूर्ण इन्द्रियों के विषयों को जानने वाला है, परन्तु वास्तव में सब इन्द्रियों से रहित है तथा आसक्ति रहित होने पर भी सबका धारण-पोषण करने वाला और निर्गुण होने पर भी गुणों को भोगने वाला है॥14॥

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Krishna Kutumb
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