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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    इति क्षेत्रं तथा ज्ञानं ज्ञेयं चोक्तं समासतः ।
    मद्भक्त एतद्विज्ञाय मद्भावायोपपद्यते ॥१३- १८॥

    इस प्रकार क्षेत्र तथा ज्ञान और जानने योग्य परमात्मा का स्वरूप संक्षेप में कहा गया। मेरा भक्त इसको तत्व से जानकर मेरे स्वरूप को प्राप्त होता है॥18॥

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Krishna Kutumb
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