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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    अनादित्वान्निर्गुणत्वात्-
    परमात्मायमव्ययः ।
    शरीरस्थोऽपि कौन्तेय न करोति न लिप्यते ॥१३- ३१॥

    हे अर्जुन! अनादि होने से और निर्गुण होने से यह अविनाशी परमात्मा शरीर में स्थित होने पर भी वास्तव में न तो कुछ करता है और न लिप्त ही होता है॥31॥

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Krishna Kutumb
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