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  • गुणत्रयविभागयोग

    गुणत्रयविभागयोगः

    श्रीभगवानुवाच -
    परं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानां ज्ञानमुत्तमम् ।
    यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां सिद्धिमितो गताः ॥१४- १॥

    गुणत्रयविभागयोग

    श्री भगवान बोले- ज्ञानों में भी अतिउत्तम उस परम ज्ञान को मैं फिर कहूँगा, जिसको जानकर सब मुनिजन इस संसार से मुक्त होकर परम सिद्धि को प्राप्त हो गए हैं॥1॥

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Krishna Kutumb
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