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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    सर्वयोनिषु कौन्तेय मूर्तयः संभवन्ति याः ।
    तासां ब्रह्म महद्योनिरहं बीजप्रदः पिता ॥१४- ४॥

    हे अर्जुन! नाना प्रकार की सब योनियों में जितनी मूर्तियाँ अर्थात शरीरधारी प्राणी उत्पन्न होते हैं, प्रकृति तो उन सबकी गर्भधारण करने वाली माता है और मैं बीज को स्थापन करने वाला पिता हूँ॥4॥

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Krishna Kutumb
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