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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    तमस्त्वज्ञानजं विद्धि मोहनं सर्वदेहिनाम् ।
    प्रमादालस्यनिद्राभिस्-
    तन्निबध्नाति भारत ॥१४- ८॥

    हे अर्जुन! सब देहाभिमानियों को मोहित करने वाले तमोगुण को तो अज्ञान से उत्पन्न जान। वह इस जीवात्मा को प्रमाद (इंद्रियों और अंतःकरण की व्यर्थ चेष्टाओं का नाम 'प्रमाद' है), आलस्य (कर्तव्य कर्म में अप्रवृत्तिरूप निरुद्यमता का नाम 'आलस्य' है) और निद्रा द्वारा बाँधता है॥8॥

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Krishna Kutumb
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