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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    रजस्तमश्चाभिभूय सत्त्वं भवति भारत ।
    रजः सत्त्वं तमश्चैव तमः सत्त्वं रजस्तथा ॥१४- १०॥

    हे अर्जुन! रजोगुण और तमोगुण को दबाकर सत्त्वगुण, सत्त्वगुण और तमोगुण को दबाकर रजोगुण, वैसे ही सत्त्वगुण और रजोगुण को दबाकर तमोगुण होता है अर्थात बढ़ता है॥10॥

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Krishna Kutumb
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