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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    यस्मात्क्षरमतीतो-
    ऽहमक्षरादपि चोत्तमः ।
    अतोऽस्मि लोके वेदे च प् रथितः पुरुषोत्तमः ॥१५- १८॥

    क्योंकि मैं नाशवान जड़वर्ग- क्षेत्र से तो सर्वथा अतीत हूँ और अविनाशी जीवात्मा से भी उत्तम हूँ, इसलिए लोक में और वेद में भी पुरुषोत्तम नाम से प्रसिद्ध हूँ॥18॥

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